Key takeaways
बांग्लादेश अपना KYC और AML कानूनी ढाँचा सुदृढ़ कर रहा है और मनी लॉन्ड्रिंग तथा वित्तीय धोखाधड़ी रोकने के लिए FATF की सिफ़ारिशों के साथ तालमेल बिठा रहा है।
आधिकारिक दस्तावेज़ों की विविधता (जैसे National ID, पासपोर्ट) और मानकीकरण की कमी के चलते कंपनियों को पहचान सत्यापन में बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
Didit दस्तावेज़ सत्यापन और चेहरे की पहचान के लिए एक मुफ़्त और अभिनव समाधान प्रदान करती है, जिससे बांग्लादेश में KYC और AML अनुपालन सरल हो जाता है।
Didit की उन्नत तकनीकों के उपयोग से पहचान सत्यापन की सटीकता और दक्षता बढ़ती है, जिससे कंपनियों को नियामकीय और सुरक्षा संबंधी बाधाओं को पार करने में मदद मिलती है।
बांग्लादेश दक्षिण एशिया की अर्थव्यवस्था का एक अहम केंद्र है। हालाँकि, देश मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय धोखाधड़ी के विरुद्ध लड़ाई में भी आगे है। यह चुनौती, अपने अर्थतंत्र के डिजिटल बदलाव के साथ मिलकर, बांग्लादेश को एक ऐसे नियामकीय मोड़ पर खड़ा करती है, जहाँ वित्तीय संस्थानों और पहचान सत्यापन करने वाली कंपनियों को महत्वपूर्ण परीक्षाओं का सामना करना पड़ सकता है।
इसी संदर्भ में, फ़ाइनेंशियल एक्शन टास्क फ़ोर्स (FATF) बांग्लादेश पर कड़ी नज़र रखे हुए है। हालाँकि यह संगठन बांग्लादेश द्वारा अनुपालन के क्षेत्र में की गई प्रगति को स्वीकार करता है, फिर भी कुछ ऐसे पहलू हैं जिनका समाधान अब भी बाकी है। नियामकों के लिए मुश्किल केवल नीतियाँ बनाना नहीं, बल्कि उन्हें लगातार विकसित हो रहे वित्तीय तंत्र में लागू करना है।
किसी भी स्थिति में, पहचान सत्यापन और KYC प्रक्रियाएँ बांग्लादेश में मनी लॉन्ड्रिंग को रोकने में अहम भूमिका निभाती हैं, ठीक वैसे ही जैसे अधिकांश देशों में होती हैं। फिर भी, बांग्लादेश में KYC और AML के क्षेत्र में अभी काफ़ी काम किया जाना बाकी है: “हुण्डी” जैसी पारंपरिक धन हस्तांतरण प्रणालियाँ अब भी प्रचलित हैं, जो देश के कम्प्लायन्स पेशेवरों के सामने एक बड़ी चुनौती प्रस्तुत करती हैं।

बांग्लादेश में KYC और AML का कानूनी ढाँचा: नियामकीय आवश्यकताएँ
बांग्लादेश अब भी FATF की स्वीकृति (ग्रीन लाइट) पाने के लिए KYC और AML संबंधी कार्यों में पीछे है। हालाँकि, यह भी सच है कि यह एशियाई देश मनी लॉन्ड्रिंग की रोकथाम में प्रगति कर रहा है, और FATF ने अपने विभिन्न संदेशों में इसकी सराहना भी की है।
मनी लॉन्ड्रिंग और पहचान सत्यापन संबंधी कानून आर्थिक पारदर्शिता को मजबूत करने और वित्तीय प्रणाली को अवैध गतिविधियों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से बनाए गए हैं।
मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम और नियंत्रण अधिनियम (MLPA) 2012
मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम और नियंत्रण अधिनियम बांग्लादेश में मनी लॉन्ड्रिंग रोकने की नींव रखता है, जिसके तहत वित्तीय संस्थानों और अन्य क्षेत्रों पर संदेहास्पद गतिविधियों की पहचान करने और रिपोर्ट करने की जिम्मेदारी डाली गई है।
बांग्लादेश के केंद्रीय बैंक का KYC विनियमन (2020)
केंद्रीय बैंक द्वारा जारी यह विनियमन स्पष्ट करता है कि देश के वित्तीय संस्थानों और अन्य अनिवार्य इकाइयों को कौन-कौन सी KYC ज़रूरतें पूरी करनी होंगी, जिनमें पहचान सत्यापन और ग्राहक ड्यू डिलिजेंस शामिल हैं।
कर प्राधिकरण के इलेक्ट्रॉनिक अंतरण संबंधी दिशा-निर्देश (2021)
ये दिशा-निर्देश AML मानकों को मुख्यतः इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन के दायरे में विस्तारित करते हैं। इनके तहत किसी भी असामान्य या संदिग्ध वित्तीय गतिविधि पर नज़र रखने और उसकी रिपोर्टिंग के प्रोटोकॉल निर्धारित किए जाते हैं।
बांग्लादेश में पहचान सत्यापन: कंपनियों के सामने चुनौतियाँ
जो कंपनियाँ बांग्लादेश में अपने उपयोगकर्ताओं की पहचान सत्यापित करना चाहती हैं, उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। सबसे बड़ा मुद्दा अनौपचारिक दस्तावेज़ों और उनकी सुरक्षा तकनीक में एकरूपता का अभाव है। अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुसार दस्तावेज़ों के आकार और प्रारूप अभी पूरी तरह से मानकीकृत नहीं हैं, जिससे पहचान सत्यापन और भी जटिल हो जाता है।
वास्तव में, बांग्लादेश में पहचान धोखाधड़ी बेहद आम है। परंपरागत दस्तावेज़ प्रणाली में विद्यमान विसंगतियाँ और पुरानी पड़ चुकी पहचान सत्यापन प्रणालियाँ बांग्लादेश को पहचान चोरी के मामले में विश्व के सबसे अधिक संवेदनशील देशों में से एक (5.44%) बनाती हैं, जैसा कि हाल के कुछ रिपोर्टों में बताया गया है।
बांग्लादेश में दस्तावेज़ सत्यापन की प्रमुख चुनौतियाँ
दस्तावेज़ सत्यापन कई KYC सेवा प्रदाताओं के लिए लगभग एक दुर्गम बाधा साबित होती है। मुख्य चुनौतियाँ इस प्रकार हैं:
- मानकीकरण का अभाव: सभी आधिकारिक दस्तावेज़ आकार और स्वरूप के एक जैसे मानक का पालन नहीं करते, जिससे स्वचालित सत्यापन जटिल हो जाता है।
- दस्तावेज़ों की विविधता: KYC प्रक्रिया में कई दस्तावेज़ स्वीकार किए जाते हैं, लेकिन मुख्य रूप से National ID, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस का उपयोग अधिक होता है।
- सुरक्षा उपायों में एकरूपता की कमी: RFID और NFC चिप जैसे फीचर दस्तावेज़ों में तेज़ी से आ तो रहे हैं, लेकिन यह सभी दस्तावेज़ों में उपलब्ध नहीं हैं।
- दस्तावेज़ों की गुणवत्ता: दस्तावेज़ों की स्पष्टता और पठनीयता में अंतर हो सकता है, इसलिए सत्यापन टूल को उच्च परिशुद्धता के साथ कार्य करने की आवश्यकता होती है।
बांग्लादेश में मुख्य दस्तावेज़: National ID, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस
बांग्लादेश में पहचान सत्यापन के लिए मुख्यतः इन तीन दस्तावेज़ों का सहारा लिया जाता है: नेशनल ID (NID), पासपोर्ट, और ड्राइविंग लाइसेंस।
नेशनल ID (NID)
NID वह प्रमुख दस्तावेज़ है जिसमें व्यक्तिगत जानकारियों का बुनियादी ब्योरा रहता है। यह स्थानीय सरकारी निकाय द्वारा जारी किया जाता है और एक क्रेडिट कार्ड जैसे प्लास्टिक फ़ॉर्मेट में आता है, जिसमें एक चिप भी लगी होती है। इस चिप में सभी उँगलियों के फ़िंगरप्रिंट और डिजिटल फ़ोटो मौजूद होते हैं।

पासपोर्ट
पासपोर्ट आमतौर पर अंतर्राष्ट्रीय लेनदेन और वैश्विक संदर्भों में पहचान सत्यापन के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसका स्वरूप कठोर कवर वाला होता है, सुरक्षा पन्नों और इलेक्ट्रॉनिक चिप के साथ आता है, जिसमें बायोमेट्रिक डेटा संग्रहीत होता है।

इसके अलावा बांग्लादेश में पासपोर्ट तीन प्रकार के होते हैं: सामान्य पासपोर्ट, राजनयिक पासपोर्ट और आधिकारिक पासपोर्ट।

ड्राइविंग लाइसेंस
यद्यपि इसे उतना औपचारिक नहीं माना जाता, फिर भी ड्राइविंग लाइसेंस बांग्लादेश में कुछ पहचान सत्यापन प्रक्रियाओं के लिए मान्य है। यह एक प्लास्टिक कार्ड फ़ॉर्मेट में चिप सहित आता है, और कार्ड की सतह एवं चिप दोनों पर एक समान फोटो होती है, जिससे सुरक्षा बढ़ती है। देश में प्रोफ़ेशनल और नॉन-प्रोफ़ेशनल दो तरह के लाइसेंस जारी होते हैं।

Didit: बांग्लादेश में पहचान सत्यापन और KYC/AML अनुपालन में क्रांति
दस्तावेज़ों की विविधता और पहचान धोखाधड़ी के बढ़ते ख़तरों के बीच, Didit बांग्लादेश में पहचान सत्यापन के लिए एक बेहतरीन समाधान के रूप में उभरता है। हम बाज़ार में पहले और इकलौते हैं जो मुफ़्त और असीमित पहचान सत्यापन सेवा प्रदान करते हैं, जिससे बांग्लादेश में मौजूद कंपनियाँ KYC और AML की ज़रूरतों को पूरा कर सकें।
Didit की तकनीक कैसे काम करती है?
- दस्तावेज़ सत्यापन: हम 220+ देशों और क्षेत्रों के दस्तावेज़ों को सत्यापित करने के लिए कस्टम एल्गोरिदम का उपयोग करते हैं, उनकी प्रामाणिकता और अखंडता सुनिश्चित करते हुए, सूचना को सटीकता से निकालते हैं और बांग्लादेश के दस्तावेज़ स्वरूप के अनुसार ढालते हैं।
- चेहरे की पहचान: हम AI मॉडलों को केवल फ़ोटो की तुलना तक सीमित नहीं रखते। Didit में पैसिव और एक्टिव दोनों तरह की चेहरे की पहचान तकनीक उपलब्ध है, जो पुष्टि करती है कि जो व्यक्ति पहचान करा रहा है वह वास्तव में दस्तावेज़ धारक ही है।
- AML स्क्रीनिंग (वैकल्पिक): हम 250 से अधिक वैश्विक डेटासेट के खिलाफ रीयल-टाइम जाँच करते हैं, जिसमें 10 लाख से अधिक इकाइयाँ निगरानी सूची में शामिल हैं। यह प्रक्रिया स्थानीय कानूनों तथा बांग्लादेश के सेंट्रल बैंक द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए आवश्यक है।
Didit बांग्लादेश में कौन-कौन से आधिकारिक दस्तावेज़ों का सत्यापन करती है?
Didit सामान्य रूप से पहचान और नियामकीय अनुपालन में प्रयुक्त होने वाले सभी प्रमुख दस्तावेज़ों को सत्यापित करने में सक्षम है, जैसे:
- नेशनल ID
- पासपोर्ट
- ड्राइविंग लाइसेंस
Didit के साथ, आप बांग्लादेश में अपने KYC और AML प्रक्रियाओं को पूरी तरह बदल सकते हैं। भविष्य मुफ़्त KYC की ओर बढ़ रहा है। क्या आप इसके लिए तैयार हैं?
बांग्लादेश में नियामकीय अनुपालन के नए युग में आपका स्वागत है।

